(सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन शत–प्रतिशत सहायता अनुदान प्राप्त संस्थान)
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                    सहकारी व्यवसाय प्रबंधन में स्नातकोत्तर पदविका (डीसीबीएम)

परिचय    

सहकारी व्यवसाय प्रबंधन में स्नातकोत्तर पदविका (डीसीबीएम) संस्थान का एक प्रमुख कार्यक्रम है । यह कार्यक्रम सहकारिता प्रणाली के सभी क्षेत्रों के युवा, सेवारत अथवा भावी सहकारी व्यवसाय के पदाधिकारियों एवं प्रशासकों के लिए है । यह पदविका कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सहकारी संस्थाओं / विभागों में चयन तथा पदोन्नति के लिए मान्यता प्राप्त है । विभिन्न देशों के विद्वान भी प्रत्येक वर्ष इस सुव्यवस्थित कार्यक्रम का लाभ उठाते हैं । इस कार्यक्रम के तहत् प्रत्येक वर्ष विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण आदान-प्रदान योजनाओं के तहत् विकासशील देशों के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान की जाती है ।

उद्देश्य

  • सहकारी संस्थाओं के प्रबंधन में व्यावसायिकता लाना तथा उन्हें सुदृढ बनाना ।
  • विभिन्न राज्यों के सहकारी विभागों तथा सहकारी संस्थाओं के अधिकारियों को आधुनिक प्रबंधन संकल्पनाओं, तरीकों एवं तकनीकी से परिचित कराते हुए उनके कौशल को बढाने का अवसर प्रदान करना ।
  • सहभागियों में संगठनात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में व्यवसायिकता तथा सकारात्मक नजरिया पैदा करना ।
  • सहभागियों के देश में अवलोकन व अध्ययन दौरे के माध्यम से सहकारी संस्थाओं के वास्तविक कार्यवाहियों से रुबरु कराना ।

लक्ष्यसमूह

यह कार्यक्रम देश तथा विदेश के सहकारी संस्थाओं में कार्यरत मध्यस्तरीय प्रबंधकों / पदाधिकारियों, विभागीय अधिकारियों, प्रशासकों तथा प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत प्रशिक्षकों के लिए खुला है ।

कार्यक्रम के लिए प्रायोजित सहभागियों के पास कम से कम स्नातक की डिग्री के साथ ही साथ सहकारी संगठन / सरकारी विभागों में प्रबंधकीय क्षमता में कम से कम तीन वर्षों का अनुभव होना चाहिए। उनकी आयु 45 वर्ष से कम (योग्य मामलों में छूट) होनी चाहिए और उन्हें अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान होना चाहिए ।

अवधि

 

अवलोकन व अध्ययन यात्रा

सहभागियों को अन्य राज्यों के सफल सहकारी संस्थाओं के अध्ययन के लिए दो सप्ताह के लिए अवलोकन व अध्ययन यात्रा आवश्यक है ।

यात्रापूर्ण होने पर, सहभागियों को एक विस्तृत अवलोकन रिपोर्ट प्रस्तुत करना होता है तथा एक विशेषज्ञ समिति के सम्मुख सीखे गए बिन्दुओं पर एक प्रस्तुतीकरण देनी होती है ।
सहभागियों को महाराष्ट्र राज्य के सफल सहकारी संस्थाओं की भी अध्ययन यात्रा करनी होता है।

नामांकन

इस कार्यक्रम के लिए देश के विभिन्न राज्यों के सहकारी संस्थाओं / विभागों द्वारा अपने मध्यस्तरीय प्रबंधकों को नामित किया जा सकता है ।
 

विदेशी प्रतिभागियों के बारे में

विदेशी प्रतिभागी अपने आवेदन संबंधित देश के माध्यम से विदेश मंत्रालय, भारत सरकार को तथा संबंधित भारतीय दूतावास / उच्चायोग को भी एक प्रति के साथ भेज सकते हैं ।

अधिक जानकारी के लिए कृपया सम्पर्क करें :

कार्यक्रम निदेशक अथवा संयुक्त कार्यक्रम निदेशक
दूरभाष : 

फैक्स संख्या : 

ई-मेल :

कृपया ध्यान रखें, डीसीबीएम कार्यक्रम को पुर्नगठित किया जा रहा है । पुर्नगठित डीसीबीएम कार्यक्रम के ढाँचे के संशोधित विवरण को शीघ्र ही प्रकाशित किया जाएगा ।