(कृषि और सहकारिता विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन शत–प्रतिशत सहायता अनुदान प्राप्त संस्थान)
गणेश खिंड मार्ग, पुणे - 411 007, महाराष्ट्र, भारत

हमारे बारे में
हमारी गतिविधियॉ

प्रबंध प्रशिक्षण एवं शिक्षण

वैमनीकॉम में छ: केन्द्र जैसे सहकारी प्रबंध केन्द्र (सीसीएम), प्रबंध विकास केन्द्र (सीएमई), सूचना प्रौधोगिकी केन्द्र (सीआईटी), अनुसंधान एवं प्रकाशन केन्द्र (सीआरपी), जेंडर अध्ययन केंन्द्र (सीजीएस), तथा प्रबंध विकास केन्द्र (एइीपी) हैं । ये केन्द्र सहकारिता क्षेत्र के वरिष्ठ / उच्चस्तरीय अधिकारियों / गैर अधिकारियों के लिए अल्पकालिक कार्यकारी / प्रबंधन विकास कार्यक्रमों के आयोजन करते हैं । भारतीय प्रशासनिक सेवा (आई ए एस), भारतीय वन्न्य सेवा (आई एफ़ एस) क़े प्रयोजित अधिकारियों तथा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एन.सी.ड़ी.सी.), इंडियन फारमर्श फर्टिलाईजर को-ऑपरेटिव लि (इफ्फको), कृषक भारती को-ऑपरेटिव लि (क़ृभको) शीर्षस्थ सहकारी बैंकों एवं अन्य सहकारी संस्थाओं , गैर सहकारी संस्थाओं (एनजीओ), इत्यादि के अध्यक्षगण और प्रबंध निदेशकों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के लिए अभिमुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी आायोजन किया जाता है । साथ ही साथ संस्थान लाभार्थी संस्थाओं / विभागों के सुझावों / आवश्यकतानुरुप प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करता है । संस्था आवश्यकता पर आधारित सभी प्रायोजित कार्यक्रमों तथा स्पॉट कार्यक्रमों का आयोजन करता है ।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग

अंतरराष्ट्रीय सहकारी संगठन (आई.सी.ए.), अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आई. एल.ओ.), खाघ और कृषि संगठन (एफएओ), एनआईसीडीए श्रीलंका इत्यादि जैसी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों / संगठनों को सहयोग प्रदान करता है । हम अंतरराष्ट्रीय तकनीकि एवं आर्थिक सहयोग विभाग (आई. टी. ई.सी.) विदेश मंत्रालय के सहयोग से कार्यक्रमों का भी आयोजन करते हैं और विकासशील देशों के सहकारी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते हैं ।

यह संस्थान कृषिगत बैंकिंग में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता एवं प्रशिक्षण केन्द्र (सिक्‍टैब) की स्थापना में एक सक्रिय प्रवर्तक भी रहा है, जो सार्क देशों के कृषि ग्रामीण बैंकिंग क्षेत्र के व्यवसायिकों को प्रशिक्षण प्रदान करने में लगा हुआ है ।

प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण

वै. मे. रा. स. प्र. संस्थान, मध्यम एवं कनिष्ठ प्रबंधन स्तर के प्रबंधकों के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने के उद्देश्‍य से 14 राज्यस्तरीय सहकारी प्रबंध संस्थान (आई.सी.एम.) तथा 5 क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान (आर. आई. सी. एम.) के संकाय सदस्यों हेतु विकास कार्यक्रमों, प्रशिक्षण सामग्री तैयार करने और अत्याधुनिक सूचना तकनीकी के प्रसार के माध्यम से कारगर सहायता व दिशानिर्देश प्रदान करता है ।

सहकारी प्रबंध केन्द्र ( सीसीएम)

राष्ट्रीय संस्थान में स्नातकोत्तर क्षेत्र में सेवारत कार्मिकों के कौशल को बढाने के उद्देश्‍य से 36 सप्ताह की अवधि के सहकारी व्यवसाय प्रबंधन में स्नोतकोत्तर पत्रोपाधि कार्यक्रम (डी.सी.बी.एम.) क़ा आयोजन किया जाता है । प्रशिक्षण के विभिन्न अंतरराष्ट्रीय योजनाओं के तहत् प्रत्येक वर्ष एशिया और अफ्रिका के मेधावी छात्र इस कार्यक्रम का लाभ उठाते हैं । इस कार्यक्रम को भारत सरकार की मान्यता प्राप्त है । एनसीडीसी, नाफेड, एनसीएआरडीएफ, चीनी फेडरेशन एवंएनसीयूआई इत्यादि जैसे विविध संगठनों ने डीसीबीएम कार्यक्रम के प्रतिभागियों के लिए 10 फेलोशिप संस्थापित किए हैं ।

प्रबंध शिक्षण केन्द्र ( सीएमई)

वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान का प्रबंध शिक्षण केन्द्र द्विवार्षिक, पूर्ण कालिक व्यवसाय प्रबंधन में स्नातकोत्तर पत्रोपाधि पदविका (पीजीडीबीएम) पाठयक्रम का आयोजन वर्ष 1993 से कर रहा है । केन्द्र युवक छात्र - छात्राओं को जो विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों से आते हैं उन्हें कोशल प्रदान कर कल का सक्षम व्यावसायिक बनाता है। छात्र यहॉ सामाजिक -सांस्कृतिक प्रणाली की समझ के साथ तकनीकि कौशल के एक साथ प्रयोग करते हुए अपने क्षेत्र में नेतृत्वकर्ता के रुप में उभरते हैं और समाज के सभी क्षेत्रों मे प्रबंध के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करते हैं । कृषि के क्षेत्र में व्यावसायिक प्रबंधन की लगातार बढ़ती जरुरतों को ध्यान में रखते हुए, (पीजीडीबीएम) पाठयक्रम के ढ़ॉचे विशेषज्ञता सहित पुर्नरचना की गई है जैसे - कृषि व्यवसाय प्रबंधन (एबीएम) इस पुर्नरचना वाले पाठयक्रमों की प्रक्रिया से गुजरते हुए छात्रों को निम्नलिखित योग्यता प्राप्त होती है :

  • उपयुक्तता के विभिन्न विशेष क्षेत्र में आवश्यक संकल्पनात्मक आधार विकसित करना ।
  • अत्याधुनिक उपायों तथा तकनीकि के प्रयोग के लिए उपयुक्त कौशल प्रदान करना ।
  • कृषि व्यवसाय के परिपेक्ष्य में उपयुक्त प्रबंधन तकनीकि के अनुप्रयोग के कौशल को विकसित करना ।

इस पीजीडीबीएम पाठयक्रम को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) , भारत सरकार की मान्यता प्राप्त है एवं इस पाठयक्रम को एसोसिएशन ऑफ इंडियन युनिवर्सिटी ने एमबीए डिग्री के समकक्ष की मान्यता प्रदान की है ।

इस पाठयक्रम के दो आयाम हैं-कक्षा तथा संगठनात्मक प्रशिक्षण । इनमें से सर्व प्रथम कक्षा में संकल्पना, कौशल तथा ज्ञान प्रदान किया जाता है जबकि दूसरे चरण में संगठनों को समझने की प्रत्यक्ष जानकारी दिलायी जाती है । छात्रों के कार्य कुशलता का मूल्यांकन यह लगातार प्रक्रिया है जिसमें शीघ्र तथा नियमित सुधार का अवसर प्रदान किया जाता है ।

अनुसंधान परामर्श तथा प्रकाशन व महिला सेल (सीआरपी)

इस संस्थान को अनुसंधान, परामर्श तथा प्रकाशन केन्द्र द्वारा किए गए विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं के परिणाम नीति स्तर के निर्णयों के लिए आधार स्वरुप प्रयोग में लाए जाते हैं । यह संस्थान पुणे विश्वविद्यालय द्वारा शोध कार्य करने, अर्थशास्त्र प्रबंध एवं वाणिज्य जैसे विभिन्न विषयों में डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान करने के लिए भी एक मान्यता प्राप्त केन्द्र है । यह संस्थान अपने लाभार्थी संस्थाओं को प्रबंधन के विभिन्न क्षेत्रों में अपने रिसर्च कार्यक्रम के माध्यम से परामर्श प्रदान करता है । महिला एवं बाल विकास विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने इस संस्थान को महिला डेअरी परियोजनाओं के मूल्यांकन के लिए एक परामर्शदाता के रुप में मान्यता दी है। संस्थान आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, उड़ीसा, बिहार एवं राजस्थान में मंत्रालयों, सहकारी संस्थाओं तथा राज्य सरकारों इत्यादि के कई परियोजनाओं को हाथ में लिया है ।

जेंडर अध्ययन केन्द्र (सीजीएम)

वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान (वैमनीकॉम) का ''जेंडर अध्ययन केन्द्र'' महिलाओं तथा उनके विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं में परामर्श तथा प्रशिक्षण, अनुसंधान कार्य करता है । इसकी संकल्पना विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा अनुसंधान की रुपरेखा, योजना तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजन करने हेतु की गई है । इस केन्द्र ने सहकारी संस्थाओं में महिला सशक्तीकरण तथा लिंग जागरुकता (शताब्दी समारोह) पर एक मैन्युअल का प्रकाशन किया है ।

''सहकार संदर्श'' - पत्रिका

संस्थान का अपना तिमाही प्रकाशन ''सहकार संदर्श'' यह पत्रिका सहकारिता व उससे संबंधित क्षेत्रों में हुए अनुसंधान कार्यों पर आधारित है । पत्रिका का देश-विदेश में बड़े पैमाने पर वितरण किया जाता है । इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों के प्रबंधकीय पहलुओं पर संकाय सदस्यों के प्रकाशन भी उपलब्ध है ।

सूचना प्रौद्योगिकी केन्द्र (सीआईटी)

संस्थान में एक सूसज्जित प्रौद्योगिकी केन्द्र स्थापित है जो छात्रों तथा सहभागियों को सुविधाएं प्रदान करती है । संस्थान में सब मिलाकर 125 पर्सनल कम्प्यूटर (पीसी) है जिनकी नेटवगि को दो अलग - अलग लोकल एरिया नेटव से जोडी गई है । एक कम्प्यूटर लैब का नवीनीकरण किया गया है जिसमें 40 i5 कम्प्यूटर हैं जो लैन ई सर्वर से जोडे गये है । संस्थान में छात्रों के लिए विन्डो 2007, लीनक्स, सर्वर पर नेटवेअर तथा विन्डो डेस्कटॉप पीसी, एमएस ऑफिस, प्रोजेक्टर ड्रीमवीवर 45.5 तथा अन्य साफ्टवेअरों का प्रयोग किया जाता है । संस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेटअप में स्केनर, सीडी-राईटर तथा प्रिंटरों जैसे अन्य उपयोगी हार्डवेअर उपकरणों का समावेश है । इटरनेंट की सुविधा पीजीडीएम छात्राओं तथा छात्रों के छात्रावास सहित संपूर्ण सेटअप में नेशनल नॉलेज नेटव नई दिल्ली के माध्यम से 100 एमबीपीएय की स्पीड सहित प्रदान की गयी है जिसे लाईसेंस युक्त एंटी वायरस साफ्टवेअर से तथा युनिफाईड थ्रीट मैनेजमेंट (यूटीएम) उपकरण के माध्यम से सुर्क्षा प्रदान की गई है ।

संस्थान ने कम्प्यूटर संचालन के प्रबंधन में पत्रोपाधि (डीएमसीओ) पाठयक्रम का वर्ष 2010 से शुभारंभ किया है तथा इस कार्यक्रम के तीन सत्रों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया है । यह देश में अपनी तरह का पहला तथा एक मात्र पत्रोपाधि पाठयक्रम है । इस पत्रोपाधि के विषयवस्तु, सहकारी संस्थाओं जैसे बैंक, चीनी कारखानों तथा दुग्ध सहकारी संस्थाओं इत्यादि वास्तविक जरुरतों पर आधारित है । इसलिए कम्प्यूटरीकरण के माध्यम से अपेक्षित परिणाम प्राप्त करने हेतु कम्प्यूटरीकरण के प्रणाली बध्द तरीके से कार्यान्वयन में अग्रेसर होगा । इस पत्रोपाधि के पाठय सामग्री इस पाठयक्रम में भाग लेने वाले कर्मचारियों / अधिकारियों को आईटी सुरक्षा, डाटा बेस प्रशासन, इत्यादि के चुनौतिपूर्ण दायित्व कों संभालने में मददगार होगा । यह पत्रोपाधि पाठयक्रम राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद (एनसीसीटी), नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त हुई ।

प्रबंध विकास कार्यक्रम केन्द्र (एमडीपी)

प्रबंध विकास कार्यक्रम (एमडीपी) केन्द्र सभी केन्द्रों को प्रभावी रुप में अल्प-कालिक प्रशिक्षण को आयोजित करने में सहयोगी सेवाएं प्रदान करता है । इसके अलावा केन्द्र अपने अल्प-कालिक कार्यक्रमों के आयोजन के साथ-साथ वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने, वार्षिक रिपोर्ट, एन सी सी टी एवं अन्य संगठनों को समय-समय पर सूचनाएं प्रदान करने का कार्य करता है । यह केन्द्र प्रयोक्ता संगठनों की जरुरतों के अनुसार आवश्यकता पर आधारित / ऑन दी स्पॉट कार्यक्रमों का आयोजन भी सुनिश्चित करता है । यह केन्द्र संस्थान की यात्रा पर आने वाले राष्ट्रीय / अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि मंडलों के साथ संप करता है ।