(कृषि और सहकारिता विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन शत–प्रतिशत सहायता अनुदान प्राप्त संस्थान)
गणेश खिंड मार्ग, पुणे - 411 007, महाराष्ट्र, भारत

हमारे बारे में
निदेशक का डेस्क

वैमनिकॉम, पुणे देश में सहकारी क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है । संस्थान सहकारी संस्थाओं के सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर करते हुए प्रबंधन के विभिन्न क्षेत्रों को केंद्रित करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आयोजित कर रहा है। वैमनिकॉम, सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से प्रबंधन में पीएच.डी.डिग्री हेतु शोधकार्य के लिए अनुसंधान केन्द्र के रुप में मान्यता प्राप्त है । प्रबंधन के विभिन्न कार्य क्षेत्रों में प्रबंधन विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अलावा, संस्थान तीन दीर्घावधि के कार्यक्रमों अर्थात स्नातकों के लिए पीजीडीएम - एग्री बिजनेस मैनेजमेंट, जो एमबीए के समतूल्य है, संस्थान को देश में शीर्ष एग्री-बिजनेस स्कूल के रूप में स्थान दिया गया है और जिसका 100% प्लेसमेंट का ट्रैक रिकॉर्ड है । सहकारी संस्थाओं में सेवारत अधिकारियों के लिए डीसीबीएम कार्यक्रम लगभग पांच दशकों से निरंतर आयोजित किए जा रहे है और हाल ही में कम्प्यूटर संचालन, जो आईटी संचालन में सहकारी समितियों के मध्यम स्तर के कर्मचारियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रबंधन में परिचालन विशेषज्ञता में डिप्लोमा प्रदाने करने के लिए शुरू किया गया है। संस्थान विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा प्रायोजित अनुसंधान परियोजनाओं का कार्य कर रही है और विविध सहकारी संस्थाओं जैसे बैंकिंग, चीनी और डेयरी में आईटी कार्यान्वयन, योग्य पेशेवर जनशक्ति की भर्ती के लिए चयन करना, आईटी विभाग में श्रम शक्तियों की नौकरी की  जिम्मेदारियों को परिभाषित करने के लिए  परामर्श सेवाओं को भी प्रदान करने में लगा है ।  संस्थान भारत और पड़ोसी देशों में विभिन्न संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) में प्रवेश किया है जो प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों को करने में लाभाकारी सिद्ध हुआ है ।

संस्थान में सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध है और प्रबंधन शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए अनुकूल वातावरण है। सहकारी संस्थाओं के विभिन्न क्षेत्रों के साथ लगातार संपर्क के साथ, संस्थान देश में सहकारी संस्थाओं के प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है। संस्थान देश में सहकारी क्षेत्र के लिए उत्कृष्टता का केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, और मुझे यकीन है कि, योग्य और अनुभवी शिक्षकों और उपलब्ध बुनियादी ढांचे के साथ ही संस्थान देश में सहकारी क्षेत्र के लिए उत्कृष्टता का केंद्र बनने में सफल होगा ।

डॉ. आशिष  कुमार भूतानि, आईएएस ​ 
निदेशक,
वैमनिकॉम तथा सिक्टैब