(कृषि और सहकारिता विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन शत–प्रतिशत सहायता अनुदान प्राप्त संस्थान)
गणेश खिंड मार्ग, पुणे - 411 007, महाराष्ट्र, भारत

हमारे बारे में
इतिहास

यह सर्वविदित है कि सहकारिता आन्दोलन ग्रामीण भारत में ऋण-समस्या के समाधान हेतू मूलत: सरकार द्वारा प्रायोजित परिकल्पना है । सर फ्रेड्रिक निकोल्सन के वर्ष 1885 की रिपोर्ट से सहकारी नेतृत्व, जिन पर सहकारी आंदोलन के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है, के प्रशिक्षण पर हमेशा से ही बल दिया गया है । परन्तु यह 1945 तक नहीं हो सका जब तक सहकारी योजना पर सरैया कमेटी ने राज्य स्तर तथा केन्द्र स्तर पर एक सहकारी प्रशिक्षण कॉलेज की स्थापना की सिफारिस नहीं की । सन 1947 में सहकारी प्रशिक्षण कॉलेज की स्थापना की गई जब स्वर्गीय श्री. वैकुंठभाई भाई मेहता वित्त, सहकारिता व ग्रामीण उद्योग मंत्री थे । इसका उद्देश्य सहकारी संस्थाओं की सेवा में प्रबंधन प्रशिक्षण की संकल्पना को लाना था । समुदायिक विकास तथा सहकारिता मंत्रालय ने वर्ष 1964 में बाम्बे में उपभोक्ता व्यवसाय के लिए केन्द्रीय प्रबंधन संस्थान (सीआईएमसीओबी) की स्थापना की । वर्ष 1964 में सहकारिता क्षेत्र की प्रशिक्षण की जरुरतों का मूल्यांकन करने के लिए भारत सरकार द्वारा स्वर्गीय प्रोफेसर डी. आर. गाड़गिल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कार्य समूह की नियुक्ति की गई । कार्य समूह ने एक राष्ट्रीय संस्थान की स्थापना की सिफारिस की जो सहकारी संस्थानों / विभागों के वरिष्ठ कार्मिकों को प्रशिक्षण देगा, मौलिक / अनुप्रयुक्त अनुसंधान का आयोजन करेगा तथा परामर्श सेवाएं प्रदान करेगा, सहकारी व्यवसाय संगठनों के वरिष्ठ कार्मिकों के लिए व्यवसाय प्रबंधन के पाठयक्रमों को आयोजित करेगा तथा प्रबंधन के विभिन्न पहलूओं पर युवाओं को प्रशिक्षित करेगा । वर्तमान राष्ट्रीय संस्थान की स्थापना के लिए सीआईएमसीओबी (सीमकाब) का राष्ट्रीय सहकारी कॉलेज एवं अनुसंधान संस्थान (एनसीसीआरआई) के साथ विलय कर दिया गया । सहकारिता आन्दोलन के अगुआ स्वर्गीय श्री. वैकुंठभाई मेहता को श्रध्दांजलि के रुप में उनके बाद राष्ट्रीय संस्थान को अप्रैल 1967 में वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान (वैमनीकॉम) नाम दिया गया । भारत सरकार राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद (एनसीसीटी), नई दिल्ली को वैमनीकॉम की स्थापना तथा अन्य खर्चों को पूरा करने के लिए अनुदान सहायता उपलब्ध कराता है । वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान सहकारिता आन्दोलन को वर्षों से अपनी कार्यवाहियों जैसे कि प्रबंध प्रशिक्षण, प्रबंध शिक्षण, अनुसंधान और प्रकाशन, परामर्श एवं अन्य संबंधित कार्यवाहियों के माध्यम से अपना योगदान देता आ रहा है ।